
संवाददाता हेमन्त नागझिरिया की रिपोर्ट
अंजड/अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में स्वामी अमूर्तानन्द शासकीय महाविद्यालय, अंजड़ में उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार योग दिवस का कार्यक्रम भव्य रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. उमेश कुमार काकेश्वर द्वारा स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई।
योग का महत्व और यौगिक क्रियाएं
योग प्रशिक्षक प्रोफेसर रवि नायक ने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि योग न केवल शरीर को रोग-प्रतिरोधक बनाता है, बल्कि तनाव कम करने, शारीरिक लचीलापन बढ़ाने, मानसिक शांति प्राप्त करने और जीवन में सकारात्मकता लाने का सर्वोत्तम साधन है। उन्होंने सभी को प्रतिदिन योग अपनाने के लिए प्रेरित किया।

आसन और योग की विधियाँ
प्राचार्य डॉ. उमेश कुमार काकेश्वर ने भी हठयोग, राजयोग, कर्मयोग, भक्ति योग, ज्ञान योग सहित योग के आठ अंगों—यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, और समाधि—की जानकारी दी।
प्रोफेसर रवि नायक ने पद्मासन, स्वस्तिकासन, गौमुखासन, ताड़ासन, सूर्य-नमस्कार, शवासन, सेतुबंधासन, भुजंगासन आदि विभिन्न आसनों का अभ्यास करवाया और उनके स्वास्थ्य लाभ बताए।
उपस्थित विद्यार्थियों ने लिया लाभ
इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी विद्यार्थी एवं स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और यौगिक क्रियाओं का अभ्यास कर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा।







